ध्यान से क्या तात्पर्य है ?
ध्यान किया नहीं जाता स्वत: हो जाता है। जब जिस विषय के लिए जितना जरूरत होती है उतना विषयात्मक घेराव हर किसी का हो जाता है, बाहय ध्यान वास्तविक ध्यान में सिर्फ अवरोध उत्पन्न करता है।
सफर से क्या तात्पर्य है?
सफर उस अनंत यात्रा का नाम है जो कभी रुकता नहीं इस यात्रा में वही सम्मिलित हो पाते हैं जो अपने वजूद पर चलते जाते हैं उन्ही में वह रसायन बनता है जो हर प्रदूषण को मिटाते हुए समय फल रसायन का निर्माण करता है जो सफर बन जाता है।