'' सूर्य सिद्धांत ''

'' जब भी प्रकृति में प्रदूषण बढ़ने लगता है तब प्रकृति उसी मृदा में जैविक संरचना कर देती है जिसमें जीव प्रदूषण को अपना आहार बनाकर मिटा देता है और अपनी मृदा को सिद्धांत कर आवागमन से मुक्त होकर एक गुणधारी स्तम्भ बन जाता है। ''

'अशोक मानव '

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